वफादार नेवला
दूर एक गाँव में एक किसान अपनी पत्नी और बच्चे के साथ रहता था। एक दिन किसान और उसकी पत्नी बच्चे की रक्षा के लिए एक पालतू नेवला घर ले आए।
किसान परिवार ने नेवले को बहुत प्यार दिया और उसकी देखभाल की।
एक दिन किसान ने अपना बच्चा नेवले की रखवाली में छोड़ दिया और पत्नी के साथ बाज़ार चला गया।
दोपहर होने से पहले ही दोनों घर लौट आए। दरवाजे के पास नेवला बैठा था। नेवले पर खून लगा था। उसको देखकर किसान की पत्नी घबरा गई। उसने सोचा कि नेवले ने बच्चे को चोट पहुँचाई है।
गुस्से में आकर उसने डंडे से नेवले को घायल कर दिया।
किसान की पत्नी जब घर के अंदर आई तो उसने देखा कि बच्चा शांति से सो रहा है और उसके पास एक साँप घायल पड़ा हुआ है।
फिर उसको समझ में आया कि नेवले ने साँप से बच्चे की जान बचाई थी। किसान को अपनी गलती का अहसास हुआ कि जल्दबाजी में कोई काम नहीं करना चाहिए।
सदाचार- जल्दबाजी में कोई काम नहीं करना चाहिए।